Religious

  • Ramdev Ji Ki Aarti रामदेव जी की आरती

    पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। घर अजमल अवतार लियो लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। गंगा जमुना बहे सरस्वती। रामदेव बाबो स्नान करे। लाछां सुगणा करे थारी आरती। हरजी भाटी चंवर ढोले। पिछम धरां सूं म्हारा पीर जी पधारिया। घिरत मिठाई बाबा चढे…

  • Ma Kalratri Ki Aarti  माँ कालरात्रि की आरती

    Ma Kalratri Ki Aarti माँ कालरात्रि की आरती

    कालरात्रि जय-जय-महाकाली । काल के मुह से बचाने वाली ॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा । महाचंडी तेरा अवतार ॥ कालरात्रि जय-जय-महाकाली… पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा ॥ खडग खप्पर रखने वाली । दुष्टों का लहू चखने वाली ॥ कालरात्रि जय-जय-महाकाली… कलकत्ता स्थान तुम्हारा ।सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥ सभी…

  • Ramlala Ki Aarti रामलला की आरती

    आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना । भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥ शिव अज नारद गुन गन गावैं । निगम नेति कह पार…

  • Shanidev Stuti  शनिदेव स्तुति

    Shanidev Stuti शनिदेव स्तुति

    नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥ नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च। नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते॥ नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:। नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते॥ नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नम:। नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने॥ नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते। सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च॥ अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु…

  • Shree Ramchandra Aarti  श्री रामचन्द्र आरती

    Shree Ramchandra Aarti श्री रामचन्द्र आरती

    आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥ पहली आरती पुष्पन की माला। काली नाग नाथ लाये गोपाला॥ दूसरी आरती देवकी नन्दन। भक्त उबारन कंस निकन्दन॥ तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे। रत्‍‌न सिंहासन सीता रामजी सोहे॥ चौथी आरती चहुं युग पूजा। देव निरंजन स्वामी और न दूजा॥ पांचवीं आरती राम को भावे। रामजी का…

  • Shree Bajrang Baan  श्री बजरंग बाण

    Shree Bajrang Baan श्री बजरंग बाण

    ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥ आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात…

  • Shree Ram Raksha Strotam   श्री राम रक्षा स्तोत्रं

    Shree Ram Raksha Strotam श्री राम रक्षा स्तोत्रं

    श्रीगणेशायनम: । अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य । बुधकौशिक ऋषि: । श्रीसीतारामचंद्रोदेवता । अनुष्टुप्‌ छन्द: । सीता शक्ति: । श्रीमद्‌हनुमान्‌ कीलकम्‌ । श्रीसीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे जपे विनियोग: ॥ ॥ अथ ध्यानम्‌ ॥ ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्दद्पद्‌मासनस्थं । पीतं वासोवसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌ ॥ वामाङ्‌कारूढसीता मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं । नानालङ्‌कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचंद्रम्‌ ॥ ॥ इति ध्यानम्‌ ॥ चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्‌ । एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्‌…

  • Shree Krishan Strotam  श्री कृष्ण स्त्रोतं

    Shree Krishan Strotam श्री कृष्ण स्त्रोतं

    ॥ पार्वत्युवाच ॥ भगवन् श्रोतुमिच्छामि यथा कृष्णः प्रसीदति । विना जपं विना सेवां विना पूजामपि प्रभो ॥1॥ यथा कृष्णः प्रसन्नः स्यात्तमुपायं वदाधुना । अन्यथा देवदेवेश पुरुषार्थो न सिद्ध्यति ॥2॥ ॥ शिव उवाच ॥ साधू पार्वति ते प्रश्नः सावधानतया श्रृणु! । विना जपं विना सेवां विना पूजामपि प्रिये ॥3॥ यथा कृष्णः प्रसन्नः स्यात्तमुपायं वदामि ते ।…

  • Shree Kartikeya Strotam  श्री कार्तिकेय स्तोत्र

    Shree Kartikeya Strotam श्री कार्तिकेय स्तोत्र

    स्कंद उवाच – योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः। स्कंदः कुमारः सेनानी स्वामी शंकरसंभवः॥1॥ गांगेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः। तारकारिरुमापुत्रः क्रोधारिश्च षडाननः॥2॥ शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः। सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः॥3॥ शरजन्मा गणाधीशः पूर्वजो मुक्तिमार्गकृत्। सर्वागमप्रणेता च वांछितार्थप्रदर्शनः ॥4॥ अष्टाविंशतिनामानि मदीयानीति यः पठेत्। प्रत्यूषं श्रद्धया युक्तो मूको वाचस्पतिर्भवेत् ॥5॥ महामंत्रमयानीति मम नामानुकीर्तनात्। महाप्रज्ञामवाप्नोति नात्र कार्या विचारणा ॥6॥

  • Shree Vishnu Sahstranama  श्री विष्णु सहस्त्रनाम

    Shree Vishnu Sahstranama श्री विष्णु सहस्त्रनाम

    शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥1॥ यस्य द्विरदवक्त्राद्याः पारिषद्याः परः शतम् ‌। विघ्नं निघ्नन्ति सततं विष्वक्सेनं तमाश्रये ॥2॥ व्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् ‌। पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥3॥ व्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे । नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः ॥4॥ अविकाराय शुद्धाय नित्याय परमात्मने । सदैकरूपरूपाय विष्णवे सर्वजिष्णवे ॥5॥ यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात्…

  • Mahagauri Mata ki Aarti  महागौरी माता की आरती

    Mahagauri Mata ki Aarti महागौरी माता की आरती

    जय महागौरी जगत की माया जया उमा भवानी जय महामाया हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहां निवासा॥ चंद्रकली और ममता अंबे। जय शक्ति जय जय मां जगदंबे॥ जय महागौरी जगत … भीमा देवी विमला माता। कौशिकी देवी जग विख्याता॥ हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥ जय महागौरी जगत ……

  • Shri Durga Sahstranama  श्री दुर्गा सहस्रनाम

    Shri Durga Sahstranama श्री दुर्गा सहस्रनाम

    ॐ शिवायै नमः । ॐ उमायै नमः । ॐ रमायै नमः । ॐ शक्त्यै नमः । ॐ अनन्तायै नमः । ॐ निष्कलायै नमः । ॐ अमलायै नमः । ॐ शान्तायै नमः । ॐ माहेश्वर्यै नमः । ॐ नित्यायै नमः । ॐ शाश्वतायै नमः । ॐ परमायै नमः । ॐ क्षमायै नमः । ॐ अचिन्त्यायै नमः…

  • Shree Ram Aarti श्री राम आरती

    Shree Ram Aarti श्री राम आरती

    जगमग-जगमग जोत जली है। राम आरती होने लगी है॥ भक्ति का दीपक प्रेम की बाती। आरती संत करें दिन रात॥ आनंद की सरिता उभरी है। जगमग-जगमग जोत जली है॥ कनक सिंहासन सिया समेता। बैठहिं राम होई चित चेता॥ वाम भाग में जनक लली है। जगमग-जगमग जोत जली है॥ आरती हनुमत के मन भावे। राम कथा…

  • Shiv Ji Aarti शिव जी आरती

    Shiv Ji Aarti शिव जी आरती

    जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा । ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव… एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव… दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव… अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी । चंदन मृगमद…

  • Vishnu Ji Aarti विष्णु भगवान आरती

    Vishnu Ji Aarti विष्णु भगवान आरती

    विष्णु भगवान आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ॐ जय… मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ॐ जय… तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ॐ…

  • Hanuman Chalisa श्री हनुमान चालीसा

    Hanuman Chalisa श्री हनुमान चालीसा

    श्री हनुमान चालीसा ॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार…

  • Hanuman Ji Aarti हनुमान जी आरती

    Hanuman Ji Aarti हनुमान जी आरती

    हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके।।अंजनि पुत्र महाबलदायी।संतन के प्रभु सदा सहाई।|आरती कीजै हनुमान लला की।दे बीरा रघुनाथ पठाए।लंका जारी सिया सुधि लाए।|लंका सो कोट समुद्र सी खाई।जात पवनसुत बार न लाई।|आरती कीजै हनुमान लला की।लंका जारी असुर संहारे।सियारामजी…

  • Ganesh Ji Mantra – गणेश जी के मंत्र

    Ganesh Ji Mantra – गणेश जी के मंत्र

    Ganesh Ji Mantra – गणेश जी के मंत्र मंत्र- 1 वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।। गणेश जी का ये मंत्र सबसे अधिक लोकप्रिय है। इस मंत्र का अर्थ ये है कि जिनकी सुंड घुमावदार है, जिनका शरीर विशाल है, जो करोड़ सूर्यों के समान तेजस्वी हैं, वही भगवान मेरे सभी काम…

  • Ganesh Ji Aarti- गणेश जी आरती

    Ganesh Ji Aarti- गणेश जी आरती

    गणेश जी की आरती : जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी। माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥ जय गणेश जय गणेश, जय…

  • Sharad Poornima Festival of Goddess Lakshmi

    Sharad Poornima Festival of Goddess Lakshmi

    Overview of Sharad Poornima in India Sharad Poornima, also known as Kojagiri Purnima, is a significant Hindu festival celebrated on the full moon day of the month of Ashwin, which typically falls in October. In 2024, it will be observed on October 16. This festival marks the arrival of autumn and is associated with various…